सरहद

short poems

सरहद पर वो खड़े रहे 

स्वाभिमान पर अड़े रहे 

 वक़्त आया तो भिड़ गए वो मौत से

माँ की तस्वीर, बच्चों के ख़त

उनके बटुओं में पड़े रहे ।